वैश्विक शिव शिष्य परिवार का पावन परिचय
आध्यात्म की दिशा में 'वैश्विक शिव शिष्य परिवार' शिव की गुरुता एवं शिष्यता के विचार को जन-जन तक प्रसारित कर रहा है।
१९८० के दशक के प्रारंभ में परम आदरणीय साहब श्री हरीन्द्रानंद जी द्वारा इस दिव्य विचार की नींव रखी गई। तंत्र, मंत्र एवं विभिन्न साधनाओं के अनुभव के उपरांत उन्होंने यह अनुभव किया कि समस्त विद्याओं एवं ज्ञान के मूल स्रोत स्वयं 'सदाशिव' हैं।